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हर घर जल योजना: केंद्र और झारखंड सरकार के बीच फंड विवाद?

हर घर जल योजना झारखंड विवाद
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हर घर जल योजना झारखंड: विवाद की पृष्ठभूमि

हर घर जल योजना झारखंड में अब विवाद का रूप ले चुकी है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच फंड रिलीज को लेकर तकरार बढ़ गई है, जिससे योजना की गति धीमी हो गई है।

क्या है विवाद दोनों के बीच जनीये डिटेल मैं

केंद्र की मोदी सरकार ने झारखंड के हर घर जल नल योजना की राशी देने से मना कर दिया अब ये योजना आधा अटका पड़ा है। अब तक झारखंड में 55% घरों तक ही पानी पहुँच पाया है

लेकिन जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य को पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है। की 31 मार्च 2025 के बाद कोई राशि नही दिया जायेगा केंद्र का कहना है की अब तक का दिया गया फंड कई राज्यो ने utilization certificate नही दिया है। जिस कारण बाकी का पैसा रिलीज़ नही किया जायेगा,केंद्र सरकार के इस फैसले से झारखंड में चल रहा 12 हजार करोड़ की योजना संकट में आ गयी है।

किस जिले में कितना काम हुआ?

  • सिमडेगा ——— 92.93%
  • लोहरदगा———75%
  • गिरिडीह———–72.75%
  • रामगढ————-70%
  • गुमला————–67%
  • रांची—————-64.33%
  • गढ़वा—————63.33%
  • खूंटी—————-63.85%
  • हजारीबाग———49.57%

जल स्वास्थ्य मिशन पर हमारी रिपोर्ट पढ़ें

अब तक की स्थिति:-

  • केंद्र सरकार ने अब तक ₹5,587 करोड़ जारी किए हैं।
  • जबकि झारखंड सरकार ने अपना पूरा हिस्सा लगभग ₹12,937 करोड़ खर्च कर दिया है।
  • केंद्र सरकार का ₹6,670 करोड़ अब भी लंबित है, जिससे राज्य सरकार नाराज़ है।

जनता पर प्रभाव:-

  • लगभग 30 लाख से अधिक परिवारों को अब तक नल कनेक्शन नहीं मिल पाया है।
  • कई जगह पाइप बिछाए जा चुके हैं, लेकिन जल आपूर्ति शुरू नहीं हुई।ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

  • झारखंड सरकार ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है।
  • वहीं, केंद्र का कहना है कि राज्य सरकार पारदर्शिता नहीं दिखा रही, और भ्रष्टाचार की शिकायतें आई हैं।

जल शक्ति मंत्रालय की वेबसाइट

निष्कर्ष:-

हर घर जल जैसी योजना केवल पेयजल की आपूर्ति ही नहीं बल्कि ग्रामीण भारत की जीवन रेखा है। लेकिन केंद्र और राज्य के बीच सामंजस्य की कमी, और आपसी आरोप-प्रत्यारोप ने इसे एक राजनीतिक बहस में बदल दिया है। जरूरी है कि दोनों सरकारें जनहित को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान निकालें।

आपका क्या मानना है? क्या यह योजना राजनीति में उलझ गई है? कमेंट में अपनी राय जरूर दें और खबर को शेयर करें।

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