गिरिडीह साइबर अपराध: तीन ठग गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गिरिडीह साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले में लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड और ठगी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। इसी क्रम में ताराटॉड थाना क्षेत्र में की गई त्वरित कार्रवाई के दौरान तीन साइबर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही साइबर थाना की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस उपाधीक्षक आबिद खॉ के नेतृत्व में गठित टीम ने बड़कीटाड़ से जबरदाहा जाने वाली पक्की सड़क के किनारे स्थित काजू बगान इलाके में छापेमारी की। मौके से तीन युवकों को संदिग्ध गतिविधियों के दौरान पकड़ा गया।
फर्जी बैंक APK से ठगी का खेल
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को फर्जी बैंकिंग APK फाइल भेजते थे। यह फाइल देखने में असली बैंक ऐप जैसी लगती थी। आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते और उन्हें KYC अपडेट या खाते की सुरक्षा के नाम पर लिंक डाउनलोड करने के लिए कहते थे। जैसे ही पीड़ित APK फाइल इंस्टॉल करता, उसकी बैंकिंग जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती थी। इसके बाद वे खातों से रकम उड़ा लेते थे।
गिरिडीह साइबर अपराध का यह तरीका बेहद खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इसमें आम लोगों को तकनीकी जानकारी के अभाव का फायदा उठाया जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें और बैंक से संबंधित जानकारी फोन पर साझा न करें।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस अब मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लोगों को ठगा गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इससे पहले भी वे साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
कांड संख्या दर्ज, जांच जारी
इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 05/2026 दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि गिरिडीह साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले में सक्रिय साइबर गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता के लिए सावधानी
पुलिस ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें।
- बैंक कभी भी फोन पर OTP या पासवर्ड नहीं मांगता।
- किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
- अपने मोबाइल में केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
गिरिडीह साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि कानून व्यवस्था साइबर ठगों पर कड़ी नजर रखे हुए है। लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता के जरिए अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
जिले में बढ़ते डिजिटल लेनदेन के इस दौर में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के साथ-साथ आम नागरिकों की जागरूकता भी साइबर अपराध को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।
राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930












