धनवार प्रखंड लापता आयुष कुमार का मामला पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का कारण बन गया है। धनवार प्रखंड के मायाराम टोला निवासी 12 वर्षीय आयुष कुमार पिछले 36 घंटे से लापता है। परिवारजनों के अनुसार बच्चा अचानक घर से बाहर गया और उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। समय बीतने के साथ परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है और स्थानीय लोगों में भी बेचैनी साफ देखी जा रही है।
खोरीमहुआ में आंदोलन, जनता में आक्रोश
बच्चे की बरामदगी को लेकर खोरीमहुआ में लगातार आंदोलन जारी है। स्थानीय जनता और परिजन प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर खोजबीन और सतर्कता और तेज होती, तो शायद अब तक कोई सुराग मिल सकता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन की सक्रियता और एसआईटी का गठन
धनवार प्रखंड लापता आयुष कुमार मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संभावित स्थानों पर पूछताछ की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि बच्चे की सुरक्षित बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
परिवार की व्यथा और समाज की जिम्मेदारी
आयुष के माता-पिता और परिजन गहरे सदमे में हैं। 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस जानकारी सामने न आना अत्यंत पीड़ादायक है। ऐसे मामलों में समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि किसी को बच्चे के संबंध में कोई भी सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया और सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से भी बच्चे की तस्वीर और जानकारी साझा की जा रही है, ताकि खोज अभियान को और व्यापक बनाया जा सके।
झारखंड में बढ़ती घटनाएं, कानून-व्यवस्था पर सवाल
झारखंड में इस प्रकार की घटनाओं का बार-बार सामने आना राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन को और सख्त तथा प्रभावी कदम उठाने होंगे। केवल घटना के बाद सक्रिय होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोकथाम के लिए दीर्घकालिक रणनीति भी आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों, पंचायत स्तर और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखनी चाहिए और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना देनी चाहिए।
सरकार से अपेक्षा और आगे की राह
धनवार प्रखंड लापता आयुष कुमार प्रकरण ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सरकार को इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मजबूत निगरानी तंत्र, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और स्थानीय पुलिस की जवाबदेही तय करना समय की मांग है।
आप स्वयं प्रशासन के संपर्क में हैं और लगातार हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही आयुष कुमार सुरक्षित अपने परिवार के बीच होगा। पूरे क्षेत्र की दुआएं उसके साथ हैं।
यदि किसी के पास आयुष कुमार के संबंध में कोई भी जानकारी हो, तो नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करें। बच्चों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सभी नागरिकों से अपील है कि यदि आयुष कुमार के संबंध में कोई भी सूचना मिले तो तुरंत नजदीकी थाना या प्रशासन को सूचित करें, आपकी सतर्कता एक मासूम की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर सकती है।
यदि आयुष कुमार के संबंध में आपके पास कोई भी जानकारी हो तो कृपया तुरंत 8229031780 पर संपर्क करें।
आपकी एक सूचना एक मासूम बच्चे को उसके परिवार से मिलाने में मदद कर सकती है।

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