• Home
  • Education
  • बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें, पढ़ाई पर फोकस करने के 5 जबरदस्त टिप्स
Education

बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें, पढ़ाई पर फोकस करने के 5 जबरदस्त टिप्स

बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें
Email :20

आज के डिजिटल युग में सबसे बड़ी चुनौती है बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें और उन्हें पढ़ाई पर फोकस करवाना।

समय बदल रहा उसके साथ ही पढ़ने-लिखने के ढंग बदल रहे है. Gen-Z उम्र के बच्चे आज के समय में पढ़ाई में कम मोबाइल, वीडियो गेम्स, रील बनाना व ऑनलाइन से जुड़ी हर एक्टिविटी को अपने दिनचर्या में शामिल किए है.

हर माता-पिता अपनी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है. ऐसे के स्क्रीन टाइम कम करने का सलाह इस ऑर्टिकल में आपको जरूर मिलेगा. हम आपको बताने जा रहे हैं वे 5 खास कारण, जिनकी वजह से बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो जाते हैं और उनसे कैसे निपटा जाए.

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे वे 5 प्रमुख कारण जिनकी वजह से बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो सकते हैं — और उन्हें कैसे सुधारें।

बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें

1. ध्यान की कमी: पढ़ाई से ध्यान हटने की सबसे बड़ी वजह

आजकल बच्चों का ध्यान बहुत जल्दी भटकता है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है — मोबाइल फोन, टीवी और गेम्स। जब बच्चा पढ़ाई के दौरान बार-बार मोबाइल या टीवी की ओर आकर्षित होता है, तो उसकी एकाग्रता खत्म हो जाती है।

क्या करें?

  • पढ़ाई के समय मोबाइल को कमरे से बाहर रखें।
  • एक शांत और डिस्ट्रैक्शन-फ्री वातावरण बनाएं।
  • समय तय करें कि दिन में सिर्फ एक घंटे स्क्रीन टाइम मिलेगा।

बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें और उन्हें यह सिखाएं कि पढ़ाई भी मनोरंजक हो सकती है।

2. सही मार्गदर्शन का अभाव

जब बच्चों को यह नहीं पता होता कि कैसे पढ़ना है, कहाँ से शुरू करना है, तो वे भ्रमित हो जाते हैं। और यह भ्रम धीरे-धीरे पढ़ाई से दूरी का कारण बन जाता है।

क्या करें?

  • माता-पिता और शिक्षक मिलकर बच्चे को एक सही रूटीन समझाएं।
  • छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें और उन्हें पूरा करने की आदत डालें।
  • बच्चों के सवालों को गंभीरता से लें और उन्हें प्रैक्टिकल जवाब दें।

3. पढ़ाई की आदतें कमजोर होना

कई बच्चे पढ़ाई को लेकर नियमित नहीं होते। वे केवल परीक्षा के समय ही किताबें उठाते हैं। इससे न तो समझ बनती है, न याददाश्त मजबूत होती है।

क्या करें?

  • रोज 30-45 मिनट की पढ़ाई की आदत डलवाएं।
  • एक स्टडी टाइमटेबल बनाएं और उसमें थोड़ा ब्रेक भी रखें।
  • पढ़ाई को बोझ नहीं, अभ्यास का रूप दें।

जब आप बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें, तो उस खाली समय को पढ़ाई या रचनात्मक गतिविधियों से भरें।

4. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

अगर बच्चा शारीरिक या मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है, तो वह पढ़ाई में परफॉर्म नहीं कर पाएगा। पर्याप्त नींद, सही खान-पान और मानसिक शांति बहुत जरूरी है।

क्या करें?

  • बच्चों की डाइट में फल, सब्जियां, और पर्याप्त पानी शामिल करें।
  • 8-9 घंटे की नींद सुनिश्चित करें।
  • समय-समय पर डॉक्टर की जांच करवाएं।

5. असहज या तनावपूर्ण माहौल

अगर घर या स्कूल का वातावरण डर या तनाव से भरा हुआ हो, तो बच्चा खुलकर सोच नहीं पाता और उसका आत्मविश्वास कमजोर होता है।

क्या करें?

  • बच्चे को प्यार, सहयोग और प्रेरणा दें।
  • डांट की जगह समझाइश का तरीका अपनाएं।
  • एक पॉजिटिव एनवायरनमेंट बनाएं जहाँ बच्चा अपनी बातें साझा कर सके।

रचनात्मक गतिविधियाँ स्क्रीन टाइम का बेहतरीन विकल्प

जब बच्चों का स्क्रीन टाइम घटाते हैं, तो जरूरी है कि उनके पास वैकल्पिक गतिविधियाँ हों।
जैसे:

  • पेंटिंग, कहानी लेखन, पजल्स, संगीत या डांस
  • आउटडोर गेम्स जैसे बैडमिंटन, साइकलिंग
  • घर में छोटी-छोटी जिम्मेदारियाँ देना

इससे बच्चों का दिमाग व्यस्त भी रहेगा और वे स्क्रीन के लिए बार-बार नहीं पूछेंगे।

आप अपने बच्चों के लिए इनमें से कौन सा तरीका अपनाएंगे? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं!

Follow Us For More in Facebook https://www.facebook.com/share/1Ab1Xt3ZZ6/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts